सहसंबंध एवं प्रतिगमन में अंतर

सहसंबंध  एवं प्रतिगमन में अंतर 
१ सम्बन्ध की मात्रा एवं प्रक्रति का अंतर =  सहसंबंध विश्लेषण के द्वारा दो चरो के मध्य सम्बन्ध की मात्रा का आभास होता हे जबकि प्रतिगमन विश्लेषण से सम्बन्ध की प्रक्रति का पता चलता हे इसके द्वारा इस बात का पता चलता हे की चर के ओसत मूल के आधार उससे सम्बन्धित दुसरे चर का ओसत मूल्य कितना होगा 

२  कारण परिणाम सम्बन्ध = चर मूल्यों में कारण परिणाम सम्बन्धो को सहसंबंध अधिक स्पष्ट करता परन्तु दोनों में कोन सा कारण और कोन सा परिणाम हे यह सहसंबंध से मालूम नही पड़ता इसके विपरीत प्रतिप गमन विशलेषण एक चर को स्वतंत्र मानकर दुसरे आश्रीत का मूल्य ज्ञात किया जाता हे इस प्रकार स्वतंत्र चर कारण हे और आश्रीत परिणाम  

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